महाभारत का एक योद्धा जो अर्जुन और भीम से भी ज़्यादा ताकतवर था नाम जानकर रह जायेंगे दंग..

प्रिय दोस्तों महाभारत के युद्ध को भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा युद्ध माना जाता है! इस युद्ध में कई बड़े-बड़े योद्धाओं ने भाग लिया! युद्ध में शामिल इन योद्धाओं ने अपनी सेनाओं को जिताने के लिए एड़ी-चोटी तक का ज़ोर लगा दिया! युद्ध के अंत में अधर्म की हार और धर्म की जीत हुई! महाभारत में कई राजाओं ने भी हिस्सा लेकर अपना अहम योगदान इस युद्ध में दिया! {अधिक जानकारी के लिए नीचे दी गई वीडियो देखें}-
लेकिन वहीं ऐसे राजा भी थे, जिन्होंने भारतीय इतिहास की इस सबसे बड़ी लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया! आइए जानते हैं, आखिर कौन थे वह राजा और युद्ध में हिस्सा न लेने के पीछे क्या थे कारण, महाभारत युद्ध में देश-विदेश की सेनाओं ने भाग लिया था! माना जाता है, कि कौरवों के साथ कृष्ण की सेना सहित यवन, ग्रीक, रोमन, अमेरिका, मेसिडोनियन आदि जगहों के योद्धा शामिल थे! तो पांडवों के साथ सिर्फ कृष्ण और उनके मित्र राजाओं की सेना थी!
आपको बता दें, कि महाभारत अपने आदर्श स्त्री-पुरुषों के चरित्रों से हमारे देश के जन-जीवन को प्रभावित करता रहा है! इसमें सैकड़ों पात्रों, स्थानों, घटनाओं व विडंबनाओं का वर्णन है! महाभारत युद्ध से पहले बलराम ने श्रीकृष्ण को कई बार समझाया, कि हमें युद्ध में शामिल नहीं होना चाहिए, क्योंकि दुर्योधन और अर्जुन दोनों ही हमारे मित्र हैं!
ऐसे धर्मसंकट के समय दोनों का ही पक्ष न लेना उचित होगा! श्रीकृष्ण ने कहा कभी-कभी हरेक मनुष्य को धर्मसंकट जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ता है! ऐसे अवसर पर लोग दुविधा में फंस जाते हैं! लेकिन उन्हें किसी भी प्रकार की कोई दुविधा नहीं थी!
आपको बता दें, कि इन्होंने इस समस्या का भी हल निकाल लिया था! उन्होंने दुर्योधन से ही कह दिया था, कि तुम मुझे और मेरी सेना दोनों में से किसी एक का चयन कर लो! दुर्योधन ने कृष्ण की सेना का चयन किया! जिस समय महाभारत के युद्ध की तैयारियां हो रही थीं! उस दरमियान एक दिन भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम, पांडवों की छावनी में अचानक पहुंचे!

वीडियो देखें-

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